Param Robot Dog Features 2026
फरवरी 2026 में भारत की राजधानी दिल्ली में आयोजित India AI Impact Expo 2026 में दो रोबो डॉग सुर्खियों में रहे। एक तरफ गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा चीनी रोबो डॉग Unitree Go2 को ‘ओरियन’ नाम देकर पेश करने का विवाद था , तो दूसरी तरफ बेंगलुरु की स्टार्टअप General Autonomy ने अपना पूरी तरह से देसी रोबो डॉग ‘Param’ पेश करके सबका ध्यान खींचा ।
“Enough of this nonsense!” के नारे के साथ आए Param को कंपनी ने “India’s most powerful indigenous robot dog” बताया है . सबसे खास बात यह है कि इसे सिर्फ असेंबल नहीं किया गया, बल्कि भारतीय इंजीनियर्स ने इसे स्क्रैच से डिजाइन और डेवलप किया है . 35 किलो वजन, 20 किलो पेलोड क्षमता, 3 मीटर प्रति सेकंड की स्पीड और 8 घंटे की बैटरी लाइफ के साथ Param दुनिया की बड़ी रोबो डॉग कंपनियों को टक्कर देने के लिए तैयार है . अगर आप रोबोटिक्स और AI की इस नई दुनिया के बारे में जानना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए ही है।
QUICK HIGHLIGHTS: Param Robot Dog Features
MAIN CONTENT
Param Robot Dog का परिचय: गलगोटिया विवाद के बीच उभरा देसी दम
18 फरवरी 2026 को General Autonomy ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें Param बेंगलुरु की सड़कों पर ट्रैफिक के बीच चलता हुआ दिख रहा था . यह पोस्ट ऐसे समय में आया जब गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा चीनी रोबो डॉग को अपना बताकर पेश करने का विवाद गर्म था .
कंपनी के पोस्ट में लिखा था: “Enough of this nonsense! Presenting PARAM: India’s most powerful indigenous robot dog. Not assembled, not bought, BUILT IN INDIA, built by INDIANS. For our nation, for our century, for our world! Jai Hind!” .
इससे पहले जनवरी 2026 में Param को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने भी प्रदर्शित किया गया था, जब वह Startup India के एक दशक पूरा होने के कार्यक्रम में शामिल हुए थे . कंपनी ने बताया कि PM मोदी ने Param के संस्थापक को दिल्ली की सर्दियों में इसका ख्याल रखने की सलाह दी थी .
Design और Mobility: दमदार और फुर्तीला रोबो डॉग
Param को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह दुनिया की किसी भी टॉप रोबो डॉग को टक्कर दे सके।
- वजन और पेलोड क्षमता: Param का वजन 35 किलो है, और यह 20 किलो तक का पेलोड ले जा सकता है . Zee News के मुताबिक, 35 किलो के रोबोट के लिए 20 किलो की पेलोड क्षमता काफी प्रभावशाली है, जो इसे लॉजिस्टिक्स सपोर्ट, सर्विलांस इक्विपमेंट ट्रांसपोर्ट और हाई-रिस्क मिशनों के लिए उपयुक्त बनाती है .
- स्पीड और जंपिंग क्षमता: यह रोबो डॉग 3 मीटर प्रति सेकंड (करीब 10.8 किमी/घंटा) की रफ्तार से दौड़ सकता है और 1 मीटर ऊंची छलांग लगा सकता है .
- सीढ़ियां चढ़ना: Param 30 सेमी ऊंची सीढ़ियों को आसानी से चढ़ सकता है . NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, यह अलग-अलग सतहों पर अपना संतुलन बनाए रख सकता है .
- क्रैब वॉक: Param की सबसे खास क्षमताओं में से एक है इसका “क्रैब वॉक”। यह साइडवे चल सकता है, जिससे यह कम ऊंचाई वाली जगहों से आसानी से गुजर सकता है .
तकनीकी क्षमताएं: AI से लैस दिमाग
Param को General Autonomy ने सिर्फ एक हार्डवेयर डिवाइस के तौर पर नहीं, बल्कि एक इंटेलिजेंट रोबोटिक प्लेटफॉर्म के तौर पर डिजाइन किया है।
- प्रोसेसिंग पावर: Param के दिमाग में NVIDIA Jetson GPU दिया गया है, जो AI प्रोसेसिंग को हैंडल करता है . India Today के मुताबिक, NVIDIA GPU और स्पेशलाइज्ड एक्चुएटर्स ही इसके एकमात्र नॉन-इंडियन कंपोनेंट्स हैं .
- ऑटोनॉमस नेविगेशन: Param बिना किसी मानव नियंत्रण के खुद से चल सकता है। यह अपने रास्ते में आने वाली बाधाओं को डिटेक्ट करता है और उनसे बचता है . News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, इसका ऑब्स्टेकल डिटेक्शन सिस्टम काफी एडवांस है .
- टार्गेट ट्रैकिंग: यह किसी टार्गेट को फॉलो कर सकता है, जो सर्विलांस और सुरक्षा ऑपरेशन्स में काफी काम आ सकता है .
- ऑटोमैटिक फॉल रिकवरी: अगर यह किसी कारण से गिर जाता है, तो खुद से उठकर अपना काम जारी रख सकता है . यह फीचर खासतौर पर डिजास्टर रिस्पॉन्स सिचुएशन में अहम होता है जहां इंसान नहीं जा सकते।
बैटरी और पावर: 8 घंटे की दमदार बैटरी लाइफ
Param को लंबे समय तक ऑपरेट करने के लिए डिजाइन किया गया है।
- बैटरी लाइफ: यह एक बार चार्ज करने पर 8 घंटे तक काम कर सकता है .
- हॉट-स्वैपेबल बैटरी: Param की बैटरी हॉट-स्वैपेबल है, यानी इसे बिना रोबोट को बंद किए बदला जा सकता है . NDTV Profit के मुताबिक, यह उन मिशनों के लिए बेहद अहम है जहां लगातार ऑपरेशन की जरूरत होती है .
- एनर्जी एफिशिएंसी: 20 किलो पेलोड के बावजूद 8 घंटे की बैटरी लाइफ इसकी एनर्जी एफिशिएंसी को दिखाती है।
कंपनी और डेवलपमेंट: General Autonomy की कहानी
General Autonomy की स्थापना 2023 में Farid Ahsan और Bhanu Pratap Singh ने की थी . कंपनी का मिशन है “फैक्ट्री ऑटोमेशन में क्रांति लाना” .
- 7 महीने का सफर: Param को डेवलप करने में करीब 7 महीने लगे . कंपनी ने बताया कि उन्होंने अपने ह्यूमनॉइड रोबोट Atom-1 से सीखे गए सबक को Param में लागू किया .
- लगातार सुधार: General Autonomy हर दो हफ्ते में Param को अपडेट करने की योजना बना रही है, जिससे यह और स्मार्ट और ज्यादा सक्षम होता जाए .
- Atom-1 ह्यूमनॉइड: Param के अलावा कंपनी ने Atom-1 नाम से भारत का पहला वॉकिंग ह्यूमनॉइड रोबोट भी बनाया है .
TABLE 1: Param Robot Dog Full Specifications
Param कहां होगा इस्तेमाल?
Quadruped robots (रोबो डॉग) दुनिया भर में कई सेक्टर्स में इस्तेमाल किए जा रहे हैं, और Param भी इन सभी क्षेत्रों में काम आ सकता है।
- इंडस्ट्रियल इंस्पेक्शन: फैक्ट्रियों, पावर प्लांट्स और कंस्ट्रक्शन साइट्स की निगरानी और इंस्पेक्शन में Param का इस्तेमाल हो सकता है . ऐसी जगहें जहां इंसान जाना चाहे या मुश्किल हो, Param आसानी से जा सकता है।
- डिजास्टर रिस्पॉन्स: भूकंप या बम विस्फोट जैसी आपदाओं के बाद मलबे में फंसे लोगों को ढूंढने में Param काफी कारगर हो सकता है . यह उन जगहों पर जा सकता है जहां इंसानों के लिए जाना खतरनाक हो सकता है।
- डिफेंस और सिक्योरिटी: सेना सीमाओं पर गश्त, निगरानी और टोही मिशनों में Param का इस्तेमाल कर सकती है . इसकी 20kg पेलोड क्षमता की वजह से यह इक्विपमेंट भी ले जा सकता है।
- माइनिंग और रिसर्च: खदानों और शोध संस्थानों में दुर्गम इलाकों की खोज और डेटा कलेक्शन के लिए Param का इस्तेमाल हो सकता है .
- एग्रीकल्चर: खेतों में फसलों की निगरानी और लाइवस्टॉक मैनेजमेंट में भी इसका उपयोग संभव है .
TABLE 2: Param vs Unitree Go2 (Chinese Robot Dog) – Comparison
PROS AND CONS: Param Robot Dog
Expert Opinion: क्या Param Robot Dog गेम-चेंजर साबित होगा?
Param Robot Dog को देखकर साफ है कि यह भारत की डीप-टेक क्षमताओं का एक शानदार उदाहरण है। जहां एक तरफ गलगोटिया यूनिवर्सिटी चीनी रोबोट को अपना बताकर विवादों में घिरी , वहीं General Autonomy ने सिर्फ 7 महीनों में एक पूरी तरह से देसी रोबो डॉग बनाकर दिखा दिया .
Organiser के मुताबिक, “Param को स्क्रैच से बनाकर कंपनी ने टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम उठाया है” . India Today का मानना है कि “Param और Svan-2 जैसे रोबोट्स का उभरना भारत के टेक सेक्टर में एक बड़ा बदलाव दिखाता है, जहां स्टार्टअप अब प्रोटोटाइप से आगे बढ़कर रियल-वर्ल्ड रोबोटिक प्लेटफॉर्म्स पर काम कर रहे हैं” .
किन सेक्टर्स के लिए सही है:
- डिफेंस और सिक्योरिटी एजेंसियां: Param की 20kg पेलोड क्षमता, 8 घंटे की बैटरी लाइफ और दुर्गम इलाकों में चलने की क्षमता इसे सीमा पर तैनाती, सर्विलांस और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट के लिए आदर्श बनाती है .
- इंडस्ट्रियल सेक्टर: फैक्ट्रियों, पावर प्लांट्स और खतरनाक इलाकों में इंस्पेक्शन के लिए यह बेहतरीन टूल है .
- डिजास्टर मैनेजमेंट टीम्स: भूकंप या आग जैसी आपदाओं में मलबे में फंसे लोगों को ढूंढने के लिए Param से बेहतर और कोई विकल्प नहीं .
- रिसर्च इंस्टीट्यूशंस: रोबोटिक्स और AI पर रिसर्च करने वाले संस्थान Param को एक प्लेटफॉर्म के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं.
जिनके लिए सही नहीं है:
- घरेलू इस्तेमाल के लिए: Param एक इंडस्ट्रियल-ग्रेड रोबोट है, पालतू जानवर की तरह घर में रखने के लिए नहीं बना है.
- छोटे बजट वाले स्टार्टअप्स: इतनी एडवांस टेक्नोलॉजी का दाम कम नहीं होगा, इसलिए सीमित बजट वालों के लिए यह पहुंच से बाहर हो सकता है.
Param की सबसे बड़ी ताकत है इसकी “इंडिजिनस” आइडेंटिटी। NewsBytes के मुताबिक, “Param के उभरने से भारत का रोबोटिक्स इंडस्ट्री मैच्योर हो रहा है और दीर्घकालिक तकनीकी आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है” .
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CONCLUSION
Param Robot Dog सिर्फ एक रोबोट नहीं है, यह भारत की डीप-टेक क्षमताओं का प्रतीक है। जब देश में इस बात पर बहस छिड़ी थी कि क्या हम चीनी रोबोट को अपना बताकर पेश कर सकते हैं , तब बेंगलुरु की एक स्टार्टअप ने सिर्फ 7 महीनों में एक ऐसा रोबोट बनाकर दिखा दिया जो दुनिया के किसी भी टॉप रोबो डॉग को टक्कर दे सकता है .
35 किलो वजन, 20 किलो पेलोड क्षमता, 3 मीटर प्रति सेकंड की स्पीड, 1 मीटर की जंपिंग क्षमता, 8 घंटे की बैटरी लाइफ, और ऑटोनॉमस नेविगेशन जैसे फीचर्स Param को दुनिया के सबसे एडवांस रोबो डॉग में से एक बनाते हैं .
अगर आप रोबोटिक्स इंडस्ट्री से जुड़े हैं, डिफेंस या इंडस्ट्रियल सेक्टर में काम करते हैं, या फिर मेक इन इंडिया पर यकीन रखते हैं, तो Param पर नजर बनाए रखें। यह Q2 2026 में कमर्शियल तौर पर उपलब्ध होगा . तब तक General Autonomy इसे हर दो हफ्ते में और बेहतर बनाती रहेगी .
“Enough of this nonsense!” के नारे के साथ आया Param भारत के रोबोटिक्स भविष्य की एक झलक है – आत्मनिर्भर, दमदार और दुनिया को टक्कर देने के लिए तैयार।
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FREQUENTLY ASKED QUESTIONS (FAQ)
1. Param robot dog क्या है और किसने बनाया है?
Param robot dog भारत की बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप General Autonomy द्वारा बनाया गया देश का सबसे पावरफुल इंडिजिनस रोबो डॉग है . इसे पूरी तरह से भारतीय इंजीनियर्स ने डिजाइन और डेवलप किया है, सिर्फ असेंबल नहीं किया गया है .
2. Param robot dog के मुख्य स्पेसिफिकेशन क्या हैं?
Param का वजन 35 kg है, पेलोड क्षमता 20 kg है, टॉप स्पीड 3 m/s है, जंप हाइट 1 मीटर है, और बैटरी लाइफ 8 घंटे है . यह 30 cm ऊंची सीढ़ियां चढ़ सकता है और क्रैब वॉक कर सकता है .
3. Param में कौन-सा प्रोसेसर इस्तेमाल हुआ है?
Param में NVIDIA Jetson GPU दिया गया है, जो AI प्रोसेसिंग के लिए जिम्मेदार है . NVIDIA GPU और स्पेशलाइज्ड एक्चुएटर्स ही इसके एकमात्र नॉन-इंडियन कंपोनेंट्स हैं .
4. Param robot dog कितनी देर चल सकता है?
Param एक बार चार्ज करने पर 8 घंटे तक चल सकता है . इसकी बैटरी हॉट-स्वैपेबल है, यानी बिना रोबोट बंद किए बैटरी बदली जा सकती है .
5. Param robot dog की कीमत क्या होगी और कब मिलेगा?
Param की कीमत अभी तय नहीं हुई है। यह Q2 2026 में कमर्शियल तौर पर उपलब्ध होने की उम्मीद है .
6. Param को बनाने में कितना समय लगा?
Param को डेवलप करने में करीब 7 महीने लगे . कंपनी हर दो हफ्ते में इसे अपडेट करने की योजना बना रही है .
7. Param robot dog के मुकाबले कौन-से रोबोट हैं?
Param के मुकाबले चीन की Unitree कंपनी का Go2 रोबोट है, जो हाल ही में गलगोटिया विवाद में चर्चा में था . Unitree Go2 का वजन करीब 15 kg है और पेलोड 8 kg है .
8. क्या Param robot dog वाकई 100% भारतीय है?
Param को भारतीय इंजीनियर्स ने स्क्रैच से डिजाइन और डेवलप किया है। सिर्फ NVIDIA GPU और स्पेशलाइज्ड एक्चुएटर्स इंपोर्ट किए गए हैं . कंपनी का कहना है कि यह “नॉट असेंबल्ड, नॉट बॉट, बिल्ट इन इंडिया” है .
9. Param robot dog का कहां इस्तेमाल होगा?
Param का इस्तेमाल इंडस्ट्रियल इंस्पेक्शन, डिजास्टर रिस्पॉन्स, डिफेंस और सिक्योरिटी, माइनिंग, रिसर्च और एग्रीकल्चर में हो सकता है .
10. क्या Param robot dog PM मोदी को दिखाया गया है?
हाँ, जनवरी 2026 में Param को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने प्रदर्शित किया गया था, जब वह Startup India के एक दशक पूरा होने के कार्यक्रम में शामिल हुए थे .