फरवरी 2026 में भारत में रोबो डॉग की दुनिया में दो बड़ी खबरें आई हैं। एक तरफ दिल्ली के AI Impact Summit 2026 में गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा चीनी रोबो डॉग Unitree Go2 को अपना बताकर पेश करने का विवाद सामने आया , तो दूसरी तरफ भारतीय स्टार्टअप General Autonomy ने इसी घटना के जवाब में अपना देसी रोबो डॉग Param लॉन्च कर दिया । अगर आप रोबोटिक्स और AI की इस नई दुनिया के बारे में जानना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए ही है। यहाँ हम रोबो डॉग टेक्नोलॉजी, भारत में उपलब्ध मॉडल्स, कीमत, स्पेसिफिकेशन और हालिया विवाद की पूरी डिटेल में बात करेंगे।
QUICK HIGHLIGHTS: Robot Dog 2026 Features
| Feature | Unitree Go2 (Chinese) | Param (Indian) | Vbot SuperDog (Chinese) |
|---|---|---|---|
| Price in India | ₹2-3 lakh | Not Announced Yet | Coming in Q2 2026 |
| Weight | 16 kg | Not Disclosed | Not Disclosed |
| Top Speed | 3.7 m/s (~13 km/h) | Not Disclosed | 13.3 km/h |
| Battery | 8,000 mAh (1-2 hours) | Not Disclosed | 594Wh (up to 5 hours) |
| Processor | 8-core CPU | NVIDIA Jetson GPU | 128 TOPS AI Processor |
| Key Feature | 3D LiDAR, Dancing, Jumping | Made in India, NVIDIA Powered | Fully Autonomous, No Remote |
| Availability | Available Now via Distributors | Unveiled at AI Summit | Global Launch Q2 2026 |
MAIN CONTENT
क्या है रोबो डॉग और कहां होता है इस्तेमाल?
रोबो डॉग या क्वाड्रुपेड रोबोट चार पैरों वाले रोबोट होते हैं जो कठिन इलाकों में चलने, सामान ढोने, रुकावटों को पार करने और कई तरह के काम करने के लिए डिजाइन किए जाते हैं । ये रोबोट औद्योगिक निरीक्षण, रक्षा अभियानों, रिसर्च मिशनों और आपदा प्रबंधन में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहे हैं ।
- इंडस्ट्रियल यूज़: फैक्ट्रियों में पाइपलाइन और मशीनरी की निगरानी
- डिफेंस एप्लीकेशन: खतरनाक इलाकों में टोही और सर्विलांस
- डिजास्टर रिस्पॉन्स: भूकंप या आग जैसी आपदाओं में बचाव कार्य
- एजुकेशन और रिसर्च: रोबोटिक्स और AI की पढ़ाई के लिए प्लेटफॉर्म
AI Impact Summit 2026 के दौरान गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने अपने स्टॉल पर एक रोबोट डॉग प्रदर्शित किया, जिसे उन्होंने ‘Orion’ नाम दिया और अपने ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की उपलब्धि बताया । लेकिन एक्सपर्ट्स और अधिकारियों ने इसे पहचान लिया – यह असल में चीनी कंपनी Unitree Robotics का Unitree Go2 मॉडल था, जो 2023 से ग्लोबल मार्केट में उपलब्ध है ।
विवाद इतना बढ़ा कि यूनिवर्सिटी को अपना स्टॉल खाली करने के लिए कहा गया । बाद में यूनिवर्सिटी ने सफाई दी कि उन्होंने कभी यह दावा नहीं किया कि उन्होंने रोबोट खुद बनाया है, बल्कि छात्र उस पर एक्सपेरिमेंट कर रहे थे ।
General Autonomy का Param: मेड इन इंडिया जवाब
इस विवाद के ठीक बाद भारतीय स्टार्टअप General Autonomy ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ऐलान किया – “Enough of this nonsense! Presenting PARAM: India’s most powerful indigenous robot dog” ।
- देसी दम: कंपनी का दावा है कि Param पूरी तरह से भारत में डिजाइन और बिल्ड किया गया है, न कि सिर्फ असेंबल किया गया ।
- टेक्नोलॉजी: इसमें NVIDIA Jetson GPU और एक्चुएटर्स लगे हैं, जो इकलौते नॉन-इंडियन कंपोनेंट्स हैं ।
- मकसद: कंपनी का लक्ष्य विदेशी टेक्नोलॉजी पर निर्भरता कम करना और AI, ऑटोनॉमस नेविगेशन और मोबिलिटी कंट्रोल में भारत को आत्मनिर्भर बनाना है ।
Param के बारे में अभी ज्यादा स्पेसिफिकेशन सामने नहीं आए हैं, लेकिन इसकी लॉन्चिंग ने भारतीय रोबोटिक्स कम्युनिटी में उत्साह जगा दिया है।
TABLE 1: Unitree Go2 Robot Dog Full Specifications
| Category | Details |
|---|---|
| Model | Unitree Go2 (Air / Pro / EDU Variants) |
| Manufacturer | Unitree Robotics (China) |
| Global Launch | July 12, 2023 |
| Price (Global) | $1,600 (Go2 Air), $2,800 (Go2 Pro) |
| Price (India) | ₹2 – ₹3 lakh |
| Weight | Approx 16 kg |
| Dimensions | 70 × 31 × 40 cm |
| Material | Aluminium Alloy + Engineering Plastic |
| Top Speed | 3.7 m/s (approx 13 km/h) |
| Battery | 8,000 mAh Removable |
| Runtime | 1-2 hours per charge |
| Processor | 8-Core High-Performance CPU |
| Sensors | Wide-angle 3D LiDAR, 4D LiDAR support, 720p Camera (30fps) |
| Connectivity | Wi-Fi 6, Bluetooth |
| Capabilities | Walking, Jumping, Stretching, Dancing, Stair Climbing |
| Obstacle Climbing | Can climb 40° slopes, overcome 6.3″ obstacles |
| Payload Capacity | Up to 17.8 lbs (approx 8 kg) |
| Available in India via | Robu.in, Etherbit.in, Xboom.in, FlySpark.in, Everse.in, Dronevex.in |
Unitree Go2: चीनी रोबो डॉग की खूबियां
Unitree Go2 उन लोगों के लिए डिजाइन किया गया है जो रिसर्च, एजुकेशन या एडवांस्ड कंज्यूमर एप्लीकेशन के लिए रोबोटिक्स प्लेटफॉर्म चाहते हैं । यह औद्योगिक रोबोट नहीं है, बल्कि सीखने और एक्सपेरिमेंट करने के लिए बनाया गया है ।
- मूवमेंट कैपेबिलिटी: Go2 वॉक कर सकता है, जंप कर सकता है, स्ट्रेच कर सकता है और यहां तक कि डांस भी कर सकता है ।
- स्टेयर क्लाइंबिंग: इसमें क्लाइंब और डिसेंड मोड दिए गए हैं, जिससे यह सीढ़ियां चढ़-उतर सकता है ।
- लिडार टेक्नोलॉजी: 3D LiDAR की मदद से यह रीयल-टाइम मैपिंग और ऑटोमैटिक ऑब्स्टेकल अवॉयडेंस करता है ।
TABLE 2: Different Robot Dogs Comparison (2026)
Vbot SuperDog: ऑटोनॉमस रोबोट का नया जमाना
CES 2026 में चीनी स्टार्टअप Vbot Dynamics ने अपना SuperDog पेश किया, जिसे ‘Best of CES’ अवॉर्ड मिला । यह रोबोट बिना रिमोट कंट्रोल के पूरी तरह ऑटोनॉमस तरीके से काम कर सकता है ।
- ऑटोनॉमी: यह यूजर को फॉलो कर सकता है, सामान ढो सकता है और चलते-फिरते फिल्मिंग कर सकता है ।
- सेंसर एरे: 360-डिग्री LiDAR, अल्ट्रा-वाइडबैंड पोजिशनिंग, डुअल डेप्थ कैमरे और ऑनबोर्ड माइक्रोफोन से लैस ।
- AI परफॉर्मेंस: 128 TOPS की AI प्रोसेसिंग पावर के साथ यह बिना क्लाउड कनेक्टिविटी के रीयल-टाइम डिसीजन ले सकता है ।
- पेलोड कैपेसिटी: 12 किलो वजन उठा सकता है और 100 किलो तक खींच सकता है ।
Ecovacs LilMilo: इमोशनल पेट रोबोट
CES 2026 में Ecovacs ने एक बिल्कुल अलग तरह का रोबोट पेश किया – LilMilo । यह काम करने वाला रोबोट नहीं है, बल्कि एक इमोशनल पेट रोबोट है जो साथ देने के लिए बनाया गया है।
- सॉफ्ट फर: इसका शरीर मुलायम फर से ढका हुआ है, जिसके नीचे टच सेंसर्स लगे हैं ।
- रिस्पॉन्सिव: यह पूरे शरीर पर टच को महसूस कर सकता है, वॉयस कमांड समझ सकता है और आंखों के जरिए इमोशन एक्सप्रेस कर सकता है ।
- हीट एमिशन: असली कुत्ते जैसा महसूस कराने के लिए इसमें हीट निकलती है ।
- चार्जिंग: USB-C या वायरलेस डॉग बेड पर चार्ज होता है ।
2026 वर्ल्ड कप में रोबोट डॉग की पेट्रोलिंग
रोबो डॉग सिर्फ लैब और एग्जीबिशन तक सीमित नहीं हैं। 2026 वर्ल्ड कप के लिए मैक्सिको के शहर ग्वाडालूप ने चार रोबोट डॉग पेश किए हैं जो BBVA स्टेडियम की सुरक्षा में मदद करेंगे ।
- K9-X यूनिट: इन रोबोट्स को ‘K9-X’ नाम दिया गया है और ये फर्स्ट रिस्पॉन्डर का काम करेंगे ।
- काम: इनमें वीडियो कैमरे, नाइट विजन और कम्युनिकेशन सिस्टम लगे हैं। ये संदिग्ध एक्टिविटी डिटेक्ट करेंगे और अलर्ट जारी करेंगे ।
- ऑपरेशन: ये पूरी तरह ऑटोनॉमस नहीं हैं, बल्कि ड्रोन या वीडियो गेम की तरह एक ऑपरेटर इन्हें कंट्रोल करता है ।
PROS AND CONS: Robot Dogs in India
Expert Opinion: क्या रोबोट डॉग India में आपके लिए सही है?
रोबोट डॉग टेक्नोलॉजी भारत में अभी शुरुआती दौर में है। Galgotias University विवाद ने एक अहम सवाल खड़ा किया है – क्या हम टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर हैं या सिर्फ दिखावा कर रहे हैं? ।
किसके लिए सही है: अगर आप यूनिवर्सिटी, रिसर्च लैब या रोबोटिक्स स्टार्टअप चलाते हैं, तो Unitree Go2 जैसा प्लेटफॉर्म AI और मोशन कंट्रोल सीखने का बेहतरीन जरिया है । Param जैसे देसी रोबोट उन लोगों के लिए हैं जो मेड इन इंडिया को सपोर्ट करना चाहते हैं और विदेशी टेक्नोलॉजी पर निर्भरता कम करना चाहते हैं । LilMilo उनके लिए है जो बिना मेंटेनेंस वाला इमोशनल पेट चाहते हैं ।
किसके लिए सही नहीं है: ₹2-3 लाख की कीमत आम कंज्यूमर के बजट से बाहर है। अगर आप सिर्फ घर में एक नए गैजेट के तौर पर रोबोट डॉग लेना चाहते हैं, तो अभी थोड़ा इंतजार करना बेहतर होगा जब तक कीमतें और टेक्नोलॉजी मैच्योर न हो जाएं।
General Autonomy का Param एक उम्मीद की किरण है। जैसा कि कंपनी ने कहा – “For our nation, for our century, for our world” । यह दिखाता है कि भारत सिर्फ चीन से रोबोट इंपोर्ट करने के बजाय उन्हें खुद बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
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CONCLUSION
Robot Dog टेक्नोलॉजी 2026 में भारत में एक नया अध्याय लिख रही है। एक तरफ Unitree Go2 जैसे चीनी रोबोट ₹2-3 लाख में उपलब्ध हैं , तो दूसरी तरफ General Autonomy का Param देसी रोबोटिक्स को नई ऊंचाई दे रहा है । Galgotias University विवाद ने यह सबक दिया है कि टेक्नोलॉजी के मामले में पारदर्शिता और ईमानदारी कितनी जरूरी है ।
अगर आप रोबोटिक्स में रुचि रखते हैं, रिसर्च करना चाहते हैं या भविष्य की टेक्नोलॉजी को करीब से देखना चाहते हैं, तो यह सही समय है। Vbot SuperDog और Ecovacs LilMilo जैसे नए मॉडल इस साल के अंत तक बाजार में आ रहे हैं, और 2026 वर्ल्ड कप में रोबोट डॉग की पेट्रोलिंग दिखाती है कि यह टेक्नोलॉजी अब साइंस फिक्शन नहीं रही।
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FREQUENTLY ASKED QUESTIONS (FAQ)
1. रोबोट डॉग की कीमत भारत में कितनी है?
चीनी कंपनी Unitree के Go2 मॉडल की कीमत भारत में ₹2 लाख से ₹3 लाख के बीच है । भारतीय कंपनी General Autonomy के Param रोबोट की कीमत अभी घोषित नहीं हुई है ।
2. Unitree Go2 में क्या खासियतें हैं?
Unitree Go2 में 3D LiDAR सेंसर है जो रीयल-टाइम मैपिंग और ऑब्स्टेकल अवॉयडेंस करता है। यह 3.7 m/s की स्पीड से दौड़ सकता है, 40° ढलान चढ़ सकता है, और 1-2 घंटे की बैटरी लाइफ देता है । यह डांस, जंप और स्ट्रेच भी कर सकता है ।
3. क्या भारत में कोई देसी रोबोट डॉग बना है?
हाँ, फरवरी 2026 में भारतीय स्टार्टअप General Autonomy ने Param नाम से देसी रोबोट डॉग लॉन्च किया है। इसे NVIDIA Jetson GPU के साथ बनाया गया है और यह पूरी तरह भारत में डिजाइन किया गया है ।
4. Galgotias University विवाद क्या था?
AI Impact Summit 2026 में गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने चीनी कंपनी Unitree के Go2 रोबोट को अपने नाम ‘Orion’ से पेश किया, जिसे उन्होंने अपना इनोवेशन बताया। एक्सपर्ट्स ने इसे पहचान लिया और यूनिवर्सिटी को स्टॉल खाली करना पड़ा ।
5. रोबोट डॉग का क्या उपयोग है?
रोबोट डॉग का इस्तेमाल औद्योगिक निरीक्षण, रक्षा अभियान, आपदा प्रबंधन, रिसर्च, एजुकेशन और हाल ही में सुरक्षा पेट्रोलिंग में किया जा रहा है । कुछ मॉडल इमोशनल पेट के तौर पर भी बनाए गए हैं ।
6. क्या रोबोट डॉग सीढ़ियां चढ़ सकता है?
हाँ, Unitree Go2 में सीढ़ियां चढ़ने और उतरने के लिए डेडिकेटेड क्लाइंब और डिसेंड मोड दिए गए हैं । Vbot SuperDog भी सीढ़ियों पर आसानी से चल सकता है ।
7. 2026 वर्ल्ड कप में रोबोट डॉग का क्या रोल है?
मैक्सिको के ग्वाडालूप शहर ने चार K9-X रोबोट डॉग तैनात किए हैं जो BBVA स्टेडियम की सुरक्षा में मदद करेंगे। ये नाइट विजन और कैमरे से लैस हैं और खतरनाक इलाकों में पुलिस से पहले पहुंचेंगे ।
8. Ecovacs LilMilo क्या है?
LilMilo एक इमोशनल पेट रोबोट है जिसे CES 2026 में पेश किया गया। इसमें मुलायम फर, टच सेंसर्स, इमोशनल आंखें और हीट एमिशन का फीचर है, जो असली कुत्ते जैसा अनुभव देता है ।
9. क्या रोबोट डॉग खरीदना मुश्किल है?
Unitree Go2 भारत में जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है । Param के लिए आधिकारिक लॉन्च का इंतजार करना होगा ।
10. रोबोट डॉग की बैटरी कितनी चलती है?
Unitree Go2 की 8,000 mAh बैटरी 1-2 घंटे चलती है । Vbot SuperDog में 594Wh बैटरी है जो 5 घंटे तक चल सकती है । LilMilo USB-C और वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट करता है ।